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क्लास में ज्ञान, फाइल में झूठ? श्रीमती सरस्वती गौतम पर कथित कूटरचना से नौकरी पाने का आरोप, मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा; शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल?

क्या जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई थी, या फिर सिस्टम ने जानबूझकर आंखें मूंद ली

क्लास में ज्ञान, फाइल में झूठ?
श्रीमती सरस्वती गौतम पर कथित कूटरचना से नौकरी पाने का आरोप, मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा; शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। विकासखंड गौरेला में वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय नेवसा में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती सरस्वती गौतम, निवासी पुराना गौरेला, पर शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में कथित कूटरचना कर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप लगे हैं। मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचने के बाद अब पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बहस तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2006 में जनपद पंचायत गौरेला, तत्कालीन जिला बिलासपुर द्वारा जारी शिक्षाकर्मी वर्ग-3 भर्ती आदेश क्रमांक 628/ज.प./शिक्षाकर्मी/नियु./2006/गौरेला दिनांक 13 जुलाई 2006 के तहत उनकी नियुक्ति प्राथमिक शाला बालक जोगीसार में की गई थी। अब आरोप यह हैं कि नियुक्ति के दौरान प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेज संदिग्ध थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वर्षों तक नौकरी और सरकारी वेतन का लाभ लिया गया।

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सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर नियुक्ति के समय दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हुआ? क्या जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई थी, या फिर सिस्टम ने जानबूझकर आंखें मूंद ली थीं? जिस व्यवस्था पर बच्चों के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी है, उसी व्यवस्था में यदि कथित फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी मिलने के आरोप सामने आएं, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर चोट माना जाएगा।
सूत्रों का दावा है कि मामला लंबे समय से दबा रहा और विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या किसी स्तर पर संरक्षण दिया गया? यदि जांच में लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो कार्रवाई केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

अब निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हैं। मांग उठ रही है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित दस्तावेजों का सार्वजनिक सत्यापन हो और आरोप सिद्ध होने पर सेवा से बर्खास्तगी, वेतन वसूली तथा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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Ritesh GUPTA

Ritesh Gupta Editor-in-Chief | Lallanguru News Ritesh Gupta is the Editor-in-Chief of Lallanguru News, dedicated to delivering accurate, unbiased, and impactful journalism. With a strong commitment to public interest reporting, he focuses on investigative journalism, governance, legal affairs, public accountability, and issues affecting local communities. His mission is to uphold the highest standards of ethical journalism by presenting factual, credible, and timely news while giving a voice to people and promoting transparency in public life.

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